Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Fix Full | Original ◆ |

प्रस्तुत लेख में पालीताणा के पाँच चैत्यवंदन की संपूर्ण जानकारी, उनके मंत्र और विधि को विस्तार से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। जैन धर्म के अनुयायियों के लिए यह जानकारी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस लेख को साझा करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस पवित्र विधि से परिचित हो सकें और लाभान्वित हो सकें।

: Honors Lord Adinath’s footprints under the sacred Rayan tree. Shree Pundarik Swami : Dedicated to the chief disciple of Adinath. Main Temple of Lord Adinath : The final, central shrine at the summit. Tattva Gyan

मैं प्रभु आदिनाथ के प्रथम गणधर पुंडरीक स्वामी को नमन करता हूँ। चैत्र सुद पूर्णिमा के पावन दिन, पुंडरीक स्वामी अपने साथ पांच करोड़ मुनियों को लेकर इस पर्वत पर अनशन (संलेखना) और गहरे ध्यान में लीन हुए थे। इसी स्थान से उन्होंने मोक्ष पद प्राप्त किया, जिससे इस शत्रुंजय पर्वत की महिमा पूरे ब्रह्मांड में अमर हो गई। palitana 5 chaityavandan in hindi full

गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालीताना नगर विश्वप्रसिद्ध है। यहाँ शत्रुंजय पर्वत पर 863 से अधिक मंदिर हैं, जिन्हें संगमरमर की कला का चमत्कार कहा जाता है। लेकिन इन मंदिरों की आत्मा है- । यह एक विशेष सामूहिक प्रार्थना और वंदना है, जो भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) के प्रति समर्पण का सर्वोच्च स्वरूप मानी जाती है।

थोड़ी देर चढ़ाई के बाद एक समतल भूमि आती है। यहाँ की जाती है। यह विशेष है क्योंकि यहाँ हम सभी तीर्थंकरों को एक साथ नमन करते हैं। जे त्ति परं गयाणं

पालीताना में चौथा चैत्यवंदन स्वयं पहाड़ी तथा वहाँ के सिद्ध क्षेत्र को नमन है।

का अर्थ है- "हे प्रभु! मैं इस पर्वत पर आया हूँ। मुझे क्षमा करें।" नाभीराया कुल मण्डणो

चैत्यवंदन की विधि और नियम

पालीताणा में चैत्यवंदन की विधि एक व्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसका पालन श्रद्धापूर्वक किया जाता है:

णमो सिद्धाणं, जे त्ति परं गयाणं, सिद्धि इक्कंठयाणं। वीयराग रूवाणं, अमय रस जीहालयाणं।

सूरजकुंड सोहामणो, कावड़यक्ष अभिराम;नाभीराया कुल मण्डणो, जिनवर करूं प्रणाम। 3